
वनमंडल के पसरखेत रेंज के ग्राम छुईढोड़ा में रविवार को एक 11 फीट लंबा किंग कोबरा घर में घुस गया। सांप को देखकर परिवार के लोग घबरा गए और तुरंत वन विभाग को सूचना दी
। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और किंग कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया। वन विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की टीम के सदस्य जितेंद्र सारथी और सीनियर फील्ड ऑफिसर सिद्धांत जैन ने रेस्क्यू अभियान चलाया।

टीम ने सभी सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए सांप को बिना नुकसान पहुंचाए पकड़ा। स्वास्थ्य जांच के बाद जंगल में छोड़ा गया रेस्क्यू के बाद किंग कोबरा का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास वाले घने जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
रेस्क्यू के दौरान सरपंच किशन कुमार राठिया समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कोरबा में 50 से ज्यादा किंग कोबरा का रेस्क्यू वनमंडलाधिकारी (DFO) प्रेमलता यादव ने बताया कि कोरबा जिले में अब तक 50 से अधिक किंग कोबरा का सफल रेस्क्यू किया जा चुका है।
मानव और वन्यजीवों के बीच बेहतर सहअस्तित्व का उदाहरण है। भारत का सबसे लंबा विषैला सांप किंग कोबरा भारत का सबसे लंबा विषैला सांप माना जाता है। इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 के तहत विशेष कानूनी संरक्षण प्राप्त है। यह जंगलों में अन्य सांपों की संख्या को नियंत्रित कर प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है
। कोरबा में ही मिलता है किंग कोबरा विशेषज्ञों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में किंग कोबरा केवल कोरबा जिले के वन क्षेत्रों में पाया जाता है। इसकी मौजूदगी स्वस्थ जंगल और समृद्ध जैव विविधता का संकेत मानी जाती है। इसके संरक्षण के लिए जेनेटिक्स-टेलीमेट्री स्टडी और कुछ वन क्षेत्रों को संरक्षित क्षेत्र घोषित करना आवश्यक है।
वन विभाग की अपील वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं सांप या अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो घबराएं नहीं और उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें।