
जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिला मुख्यालय से लगभग 58 किलोमीटर दूर स्थित वनांचल ग्राम देवपहरी पहुंचकर गौमुखी सेवाधाम द्वारा संरक्षित जनजातियों के बच्चों के लिए संचालित एकलव्य उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के वेदारंभ संस्कार शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। विशिष्ट अतिथि के तौर पर जिला पंचायत कोरबा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दिनेश नाग जी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उन्होंने आश्रम पहुंचकर सर्वप्रथम मां सिद्धिदात्री मंदिर में दर्शन किए। तत्पश्चात् हिंगलाजगढ में स्थित भारत की प्रमुख शक्तिपीठ पूर्व में कामाख्या देवी, उत्तर में वैष्णो देवी, पश्चिम में कालका देवी, दक्षिण में कामाक्षी देवी एवं मध्य में मैहर से शारदा देवी से लाई गयी अखंड ज्योति के दर्शन करने के उपरांत विद्यालय परिसर का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं सेवाधाम के कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए वनवासी एवं संरक्षित जनजातीय बच्चों को संस्कारयुक्त, गुणवत्तापूर्ण एवं मूल्यपरक शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की।

गायत्री परिवार द्वारा यज्ञ और हवन के माध्यम से पूर्ण मंत्रोचार के साथ वेदारंभ संस्कार को संपन्न कराया गया। नौकुंडीय हवनकुंड में विद्यालय के विद्यार्थियों, अविभावकों, शिक्षक, शिक्षिकाओं ने हवन कर आश्रम परिसर में आध्यात्मिक माहौल बना दिया। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि भी 11-11 आहुति कर हवन में शामिल हुए।
वेदारंभ संस्कार के पश्चात् माननीय प्रधानमंत्री के द्वारा चलाया जा रहा अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम’ पर हर विद्यार्थी से एक पेड़ लगाने का लक्ष्य रखकर वृक्षारोपण किया गया। जिसकी शुरुआत माननीय कलेक्टर महोदय एवं जिला पंचायत सीईओ महोदय ने वृक्षारोपण कर किया। आश्रम परिसर में 300 विद्यार्थियों द्वारा 300 फलदार वृक्ष लगाए जायेंगे। वनविभाग एवं पर्यावरण गतिविधि के जिला संयोजक केप्टेन मुकेश अदलखा ने पौधे की व्यवस्था की।

वृक्षारोपण उपरांत आश्रम स्थित सभागार में मंचीय कार्यक्रम में मंच पर मुख्य अतिथि कुणाल दुदावत कलेक्टर कोरबा, विशिष्ट अतिथि दिनेश नाग मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा, देवपहरी की सरपंच श्रीमती हीराबाई राठिया, जिला कार्यवाह कैलाश नाहक जी एवं गौमुखी सेवा धाम के अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल मंचासीन रहे। अध्यक्षीय उद्बोधन में गोपाल अग्रवाल ने आश्रम में संचालित चारों आयामों क्रमशः शिक्षा, स्वास्थ्य, आध्यात्म और स्वाबलंबन के बारे में विस्तार से बताया। प्रकल्प प्रस्तावना पर जिला कार्यवाह कैलाश नाहक ने बताया कि कैसी विषम परिस्थितियों में आज से 25 साल पूर्व देवपहरी, जहां आने में ही चार घंटे लगते थे, में इस प्रकल्प की स्थापना की गयी। सेवा कार्य का उदाहरण एक कहानी के माध्यम से उन्होंने बच्चों को बताया।

दिनेश नाग ने बताया कि कलेक्टर महोदय आश्रम में संचालित विद्यालय, छात्रावास, अस्पताल से काफी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि बिजली, पानी और सड़क के लिए इस ग्रामीण अंचल में बहुत सारे कार्य करवायें जा रहे हैं। माननीय मुख्यमंत्री जी ने देवघाटी के लिए जो घोषणायें की थी, सभी का कार्य प्रारंभ हो गया है। मुख्य अतिथि कलेक्टर महोदय ने कहा कि शिक्षा ही समाज के सर्वांगीण विकास का सबसे प्रभावी माध्यम है और ऐसे प्रयास दूरस्थ अंचलों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा के साथ संस्कार का जो बीज एकलव्य उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों में बोया जा रहा है

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बच्चों को बताया कि शिक्षा के साथ साथ मौलिक गुण पर भी बच्चों को निम्न तीन बातें विनय विनम्र होना, माता पिता का आदर और शिक्षकों का सम्मान करना, पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कलेक्टर महोदय ने गौमुखी सेवा धाम शिक्षा के साथ संस्कार युक्त पीढ़ी तैयार कर रही है, शास्त्रों में भी यही लिखा है। शाला प्रवेश उत्सव के शुभ अवसर पर कक्षा पहली से लेकर कक्षा दसवीं तक के प्रथम एवं द्वितीय स्थान पर आने वाले मेधावी विद्यार्थीयों को स्व बनवारीलाल स्मृति मेधावी छात्र सम्मान (शील्ड प्रशस्ति पत्र एवं नगद राशि )से पुरस्कृत किया गया। मंच संचालन गौमुखी सेवा धाम के सचिव योगेश जैन ने एवं आभार प्रदर्शन संस्था के कोषाध्यक्ष डॉ राजीव गुप्ता ने किया। कार्यक्रम के बाद उपस्थित सभी विद्यार्थियों, अविभावकों, शिक्षक शिक्षिकाओं, आंगुतकों ने प्रसाद ग्रहण किया
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