
“कोयलांचल क्षेत्र में करोड़ों रुपये के बहुचर्चित डीजल चोरी नेटवर्क की जांच के बीच पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक भूचाल आ गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई ने न केवल पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है, बल्कि जांच की दिशा को भी नया मोड़ दे दिया है।जानकारी के अनुसार डीजल चोरी गिरोह के खिलाफ चल रही विस्तृत जांच के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने तथा कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही के संकेत मिलने पर यह कार्रवाई की गई है
। निलंबित किए गए कर्मचारियों में साइबर सेल के आरक्षक प्रशांत सिंह, कटघोरा में पदस्थ प्रधान आरक्षक गोपाल यादव, मोगरा थाना के प्रधान आरक्षक राजेश कंवर तथा आरक्षक रोहित राठौर शामिल हैं
।सूत्रों के मुताबिक डीजल चोरी के इस संगठित नेटवर्क को लेकर लंबे समय से शिकायतें और महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस तक पहुंच रही थीं। जांच का दायरा बढ़ने के साथ कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनके आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की पड़ताल की गई
। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के बाद पुलिस अधीक्षक ने बिना किसी विलंब के अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए चारों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया।एक साथ चार पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई ने पूरे पुलिस विभाग में हलचल पैदा कर दी है। विभागीय गलियारों में इस बात की चर्चा है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में मामले से जुड़े कई और महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं। संभावना जताई जा रही है कि डीजल चोरी के इस नेटवर्क की परतें खुलने के साथ अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी की इस कार्रवाई को विभाग के भीतर जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। स्पष्ट संकेत दिया गया है कि कानून तोड़ने वालों के साथ-साथ अपने दायित्वों के प्रति लापरवाही बरतने या किसी भी प्रकार की संदिग्ध भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों को भी बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल डीजल चोरी कांड की जांच जारी है। पूरे मामले पर पुलिस की नजर बनी हुई है और जांच एजेंसियां विभिन्न पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही हैं।