
कोरबा जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं जनपद पंचायत बिंझरा के सदस्य अक्षय गर्ग की जघन्य हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए साजिशकर्ता से लेकर हत्यारों तक सभी आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है।

इस सनसनीखेज हत्याकांड से पूरे जिले में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी डॉ. संजीव शुक्ला स्वयं कटघोरा पहुंचे। वहीं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने कटघोरा थाना अंतर्गत जटगा पुलिस सहायता केंद्र में कैंप लगाकर जांच की कमान संभाली। कप्तान के नेतृत्व में गठित तकनीकी एवं विशेष टीम ने कुछ ही घंटों में पहला सुराग जुटाते हुए मुख्य साजिशकर्ता मुस्ताक अहमद को हिरासत में ले लिया।

इसके बाद कड़ियों को जोड़ते हुए कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार हत्या की साजिश एक दिन पहले रची गई थी, लेकिन अवसर न मिलने के कारण अगले दिन वारदात को अंजाम दिया गया। घटना के दौरान गुलशन दास ने बाइक से आगे-आगे जाकर मृतक की गतिविधियों की सूचना दी। मौके पर पहुंचकर मुस्ताक अहमद ने चाकू से तथा विश्वजीत ओग्रे ने कुल्हाड़ी से हमला किया।

आरोपी जिस चार पहिया वाहन (अर्बन क्रूज़र, क्रमांक CG 12 BF 4345) से घटना स्थल तक पहुंचे थे, उसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। साथ ही हत्या में प्रयुक्त चाकू, लोहे की टंगिया, कपड़े, मोबाइल फोन एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं।
हत्या के कारण व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हत्या व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा और राजनीतिक रंजिश के चलते की गई। आरोपी मुस्ताक अहमद ठेकेदारी के कार्य में उतरना चाहता था, लेकिन मृतक अक्षय गर्ग के प्रभाव के कारण उसे क्षेत्र में काम नहीं मिल पा रहा था। पूर्व जनपद चुनाव में दोनों के बीच सीधा मुकाबला हुआ था, जिससे आपसी विवाद बढ़ा। चुना