
छत्तीसगढ़ सरकार जहां पशुपालकों और आम नागरिकों को सस्ती व बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा कर रही है, वहीं कोरबा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने शासकीय पशु चिकित्सा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। यहां एक शासकीय पशु चिकित्सक पर इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूलने और लापरवाहीपूर्वक करने का गंभीर आरोप लगा है, जिसके चलते एक गाय की दर्दनाक मौत हो गई।
मामला दर्री शहर के गोपालपुर क्षेत्र का है। क्षेत्र निवासी सुधाकर शर्मा ने गाय पाल रखा है 25 जनवरी को गाय की तबीयत अचानक बिगड़ने पर शासकीय पशु चिकित्सक जोगेंद्र चंद्र से फोन पर संपर्क किया। आरोप है कि उक्त चिकित्सक ने इलाज कर पुरी तरह ठीक करने का भरोसा दिलाया और इलाज के नाम पर 500 रुपये वसूल लिए।
पीड़ित सुधाकर शर्मा के अनुसार, शासकीय पशु चिकित्सक को फोन करते रहे डॉक्टर आ रहा हूं बोलता रहा घर पहुंचे गया, लेकिन इलाज ना होने के दौरान किसी प्रकार की जांच, रिपोर्ट या विशेषज्ञ गाय की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। सही समय पर उचित इलाज नहीं मिलने के कारण 25जनवरी को मौत हो गई।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। सवाल यह उठ रहा है कि जब चिकित्सक शासकीय सेवा में है तो निजी तौर पर इलाज कर मोटी रकम वसूल रहा है किस नियम के तहत किया गया? क्या सरकारी डॉक्टरों को आम जनता इस तरह पैसा ऐंठने की खुली छूट है? यह मामला केवल एक गाय तक सीमित नहीं, बल्कि सरकारी सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार और मनमानी का गंभीर उदाहरण बन गया है।
सुधाकर शर्मा के पूरा परिवार इस दुख को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है और सुधाकर शर्मा की पत्नी रो रो के बुरा हाल और उनका तबीयत और खराब हो गया
ऐसी ही शिकायत अजय राय के साथ भी हो चुकी है
घर ना पहुंच पाने पर उनके दो कुत्तो की मौत हो चुकी है