
कोरबा जिले के दर्री थाना क्षेत्र अंतर्गत नदियाखर प्रगति नगर सुबह एक हृदयविदारक दृश्य सामने आया, जब एक महिला शैलबाई यादव (30) ने रात को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना के समय उसका तीन वर्षीय मासूम पुत्र वासु कमरे के भीतर ही बंद था, जो पूरी रात मां के शव के साथ अकेला रहा।
रोजी-मजदूरी कर पाल रही थी बेटे को : शैलबाई बीते तीन वर्षों से अपने छोटे बेटे के साथ अकेले रह रही थी।

वह दैनिक मजदूरी कर अपने जीवनयापन और बेटे की परवरिश में लगी थी। उसका पति ग्वाल यादव, कोटेतरा थाना जैजैपुर जिला शक्ति गांव का निवासी है, जो वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में मजदूरी के लिए गया हुआ है और कई महीनों से घर नहीं लौटा।
शनिवार शाम वह रोज़ की तरह काम से लौटकर भोजन बनाई और फिर बेटे वासु को साथ लेकर सोने चली गई।

खिड़की से झांका तो छलक पड़े आंसू : रविवार सुबह जब घर का दरवाजा नहीं खुला और बच्चे के रोने की आवाज सुनकर पड़ोसियों के लोगों को शक हुआ। जब दरवाजे के छेद से झांककर देखा गया, तो शैलबाई फांसी के फंदे से लटकी हुई नजर आई और मासूम बच्चा कमरे में बंद रोता दिखा।

पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित निकाला : घटना की सूचना तुरंत दर्री थाना को दी गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ललित चंद्रा, एएसआई सिमसोन मिंज, और आरक्षक सरोज साहू मौके पर पहुंचे।
पुलिस टीम ने दरवाजा में बने छेद से हाथ डालकर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला और शव को नीचे उतारकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की।

पुलिस ने मृतका के परिजनों को सूचना दी, और साथ ही कोटेतरा गांव के सरपंच से संपर्क कर महिला के पति के बारे में जानकारी ली। तब यह जानकारी मिली कि ग्वाल यादव जम्मू-कश्मीर में मजदूरी के लिए गया है