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जब जनसमस्या निवारण शिविर में बडी मात्रा में आवेदन आते है तो समझा जा सकता है कि एसी में बैठे जिम्मेदार अधिकारी क्या कर रहे है ……

ऐसे में सरकार को हर माह हर गांव में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन करना चाहिए ताकि ग्रामीणों को आफिसों के चक्कर ना काटने पडे़

करगीकला में जनसमस्या निवारण शिविर में 532 आवेदन आए जिसमें 110 का निराकरण हुआ

बिलासपुर – कोटा जनपद के ग्राम पंचायत करगीकला में शुक्रवार को जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजित हुआ शिविर में आए 532 आवेदन ये बताने के लिए काफी हैं कि यदि शिविर में इतने समस्याग्रस्त लोग आ रहे हैं तो फिर कार्यालय में क्या काम होता होगा ? किसी भी शिविर की उपयोगिता तब और बढ़ जाएगी जब हर शिविर के समय पिछले शिविर का विश्लेषण भी हो ? ये देखना भी जरूरी होना चाहिए कि क्या इस शिविर में आए आवेदन पहले की शिविर भी आ चुके हैं ? और यदि कोई अपनी समस्याओं के वहीं आवेदन बार बार जमा कर रहा हो तो उसकी समस्या का निराकरण क्यों नहीं हो रहा ? और ये भी देखना जरूरी होगा कि किस विभाग के समस्याओं के ज्यादा आवेदन आ रहे ? वहीं बच्चों का अन्नप्रासन और गोद भरवाई कार्यक्रम करवाना मुख्य आयोजन हो गया है नही तो समझा जा सकता है समस्या निवारण शिविर में ऐसे कार्यक्रम की क्या जरूरत । शिविर में सिर्फ समस्याओं और उनके निराकरण पर बात होनी चाहिए ।

सवाल बडा़ है लेकिन गंभीर है – अगर अधिकारी आफिसों से लोगों की समस्यायों का निराकरण समय पर कर दें तो ऐसे शिविर में इतनी बडी़ संख्या में आवेदन ना आते l विभागीय जानकारी के अनुसार 532 आवेदन और शिकायत के आवेदन मिले जिसमें 110 का मौके पर ही निराकरण हो गया l

जब शिविर के माध्यम से एक ही दिन में 110 आवेदनों का निराकरण हो सकते है तो आफिसों से क्यों नही हो सकता ?शिविर में भाजपा के दिग्गज नेता और कोटा के छाया विधायक प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने भी ग्रामीणों को संबोधित किया उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जनसमस्या निवारण के जरिए ग्रामीणों तक पहुंचकर समस्याओं का निराकरण कर रहा हैजनसमस्या निवारण शिविर में मत्सय पालन किट का वितरण किया लेकिन क्या यहां कई माह से कार्यालय के चक्कर लगा रहे चपोरा की महिला सहायत समूह की समस्या का निराकरण हुआ जिसने मछली पालन के लिए पंचायत में लीज की राशि भी जमा करवा दी और बैंक से लोन भी ले लिया लेकिन पंचायत ने बिना किसी कारण के उनका लीज निरस्त कर दिया ?खैर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा स्व सहायता समूहों को लोन, आवास स्वीकृति पत्र का वितरण किया गया। कृषि विभाग द्वारा कृषि उपकरण, मत्स्य पालन विभाग द्वारा कीट, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड, वॉकर, उद्यानिकी विभाग द्वारा हितग्राहियों को सब्जी कीट एवं राजस्व विभाग द्वारा जाति प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में टीबी, शुगर जांच, खून जांच एवं निःशुल्क दवाईयों का वितरण किया गया। आयुर्वेद विभाग के स्टॉल में दवाईयों का वितरण किया गया।इसके साथ ही शिविर में सभी विभागों के अधिकारियों ने शासन की योजनाओं के बारे में विस्तार सेे जानकारी देते हुए उपस्थित हितग्राहियों को बताया कि वे कैसे योजनाओं का लाभ ले सकते है। इसमें स्वास्थ्य, पशु पालन, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, खाद्य, कृषि, जलसंसाधन विभाग, पुलिस विभाग, समाज कल्याण विभाग, मत्स्य विभाग, श्रम विभाग, डाक विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।

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