
“जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र अंतर्गत लेमरू थाना क्षेत्र के ग्राम चिराईझुनझुना में उस समय हड़कंप मच गया, जब झरने के नीचे एक युवक का शव फंसा हुआ मिला। मृतक की पहचान अंबिकापुर जिले के दरिमा निवासी रमेश आघरिया के रूप में हुई है।

बताया जा रहा है कि रमेश अपनी बुआ राधा बाई के घर घूमने के लिए करीब एक सप्ताह पहले आया था। जानकारी के अनुसार, राधा बाई अपने पति भंवर साय के साथ गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में गई थीं। रात में घर लौटने के बाद उन्होंने घर में मौजूद अपनी बेटी से पूछा की तुम्हारे चाचा कहाँ है रमेश के संबंध में जानकारी ली। इसी दौरान अगले दिन सुबह अरविंद आघरिया, जो भंवर साय का नाती बताया जा रहा है, दिशा मैदान के लिए नाले की ओर गया था। वहां उसे एक स्थान पर चड्डा और लुंगी पड़े दिखाई दिए। संदेह होने पर उसने वापस आकर परिजनों को इसकी जानकारी दी। परिजनों और ग्रामीणों ने मौके पर जाकर तलाश की तो झरने के नीचे एक अन्य त्रिकोनीय झरने में शव फंसा हुआ दिखाई दिया।

भवर साय ने इसकी सूचना अमरजीत खुजूर और सत्यनारायण यादव को दी, जिसके बाद मामले की जानकारी लेमरू थाना पुलिस तक पहुंची। थाना प्रभारी लोकनाथ यादव को सूचना मिलने पर उन्होंने प्रधान आरक्षक दीपक कश्यप और आरक्षक धीरज पटेल को पुलिस टीम के साथ मौके पर भेजा।
पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से स्थिति का जायजा लिया। मृतक की बुआ राधा बाई और उनके पति भंवर साय ने पुलिस को बताया कि रमेश करीब एक सप्ताह पहले उनके यहां घूमने आया था। 30 फीट नीचे उतरकर निकाला गया शव घटनास्थल बेहद दुर्गम और खतरनाक होने के कारण शव को बाहर निकालना पुलिस और ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गया। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से आरक्षक धीरज पटेल, अमरजीत खुजूर, सत्यनारायण यादव, नरेश मरकाम, सूरज आघरिया, भंवर साय, प्रमोद कोरवा सहित अन्य लोगों ने मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया। शव को कपड़े में सुरक्षित बांधकर रस्सी के सहारे करीब 30 फीट नीचे से ऊपर खींचकर बाहर निकाला गया। पहाड़ी और झरने वाले इलाके में एक छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती थी।

रेस्क्यू के दौरान पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों को स्वयं भी अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए बेहद सावधानी से काम करना पड़ा। वाहन पहुंचने का रास्ता नहीं, खाट पर लाया गया शव दुर्गम रास्ते के कारण घटनास्थल तक वाहन पहुंचना संभव नहीं था। शव को बाहर निकालने के बाद उसे खाट के सहारे पैदल रास्ते से बाहर लाया गया। रात का समय होने के कारण जंगल में जंगली जानवरों का खतरा भी बना हुआ था। इसके बावजूद पुलिस और ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद शव को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।