
खाद्य सुरक्षा विभाग, जिला कोरबा एवं नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (नासवी) द्वारा नेस्ले (Nestlé) के सहयोग से कोरबा में स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए “Serve Safe Food (SSF) – सुरक्षित भोजन परोसना एवं बेचना” विषय पर 300 स्ट्रीट फूड वेंडर्स को दो दिवसीय निःशुल्क खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम 26 और 27 अगस्त 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को प्रशिक्षित किया गया।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को सुरक्षित एवं स्वच्छ भोजन तैयार करने, परोसने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में रोजगार एवं आजीविका को सुदृढ़ बनाने, खाद्य गुणवत्ता में सुधार, ग्राहकों का विश्वास बढ़ाने, खाद्य जनित बीमारियों की रोकथाम तथा खाद्य सुरक्षा नियमों के प्रभावी अनुपालन पर विशेष बल दिया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती पुष्पा खाका, अभिहित अधिकारी (DO), खाद्य सुरक्षा विभाग, जिला कोरबा, छत्तीसगढ़ रहीं। उन्होंने कार्यक्रम में सहभागिता की तथा प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र एवं हाइजीन किट वितरित किए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कोरबा जिले में स्ट्रीट फूड विक्रेताओं द्वारा सुरक्षित एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना जनस्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आश्वासन दिया कि खाद्य सुरक्षा विभाग प्रशिक्षित स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को उचित पहचान एवं प्रोत्साहन दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
उन्होंने NASVI द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे क्षमता-विकास कार्यक्रम न केवल खाद्य सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करते हैं, बल्कि स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की आजीविका को भी सुदृढ़ बनाते हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए अत्यंत आवश्यक हैं, क्योंकि इससे न केवल उनकी आजीविका सुरक्षित होती है, बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की भी रक्षा होती है। उन्होंने सभी विक्रेताओं से प्रशिक्षण में बताए गए खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी नियमों का नियमित रूप से पालन करने का आग्रह किया।

प्रशिक्षण के दौरान FoSTaC FSSAI प्रशिक्षक श्री विशाल आनंद एवं श्री दिलीप प्रजापति द्वारा सरल भाषा, व्यवहारिक उदाहरणों एवं लाइव डेमो के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रतिभागियों को व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा के गोल्डन रूल्स, सुरक्षित खाद्य सामग्री का भंडारण, तापमान प्रबंधन, सुरक्षित पेयजल, कचरा प्रबंधन, बर्तनों एवं उपकरणों की स्वच्छता, कीट एवं संदूषण नियंत्रण तथा सुरक्षित भोजन तैयार करने एवं परोसने की वैज्ञानिक विधियों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006, संबंधित नियमों एवं FSSAI के प्रावधानों से भी अवगत कराया गया।
- हाइजीन किट, जिसमें एप्रन, कैप, हेड कवर, ग्लव्स, साबुन एवं हैंड टॉवेल शामिल थे।
कार्यक्रम के अंत में सभी स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। उन्होंने संकल्प लिया कि वे सदैव एप्रन, ग्लव्स एवं हेड कैप का उपयोग करेंगे, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखेंगे, हानिकारक रसायनों के उपयोग से बचेंगे तथा उपभोक्ताओं को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराएंगे। - भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा के मानकों से जोड़ना, स्वच्छ भोजन संस्कृति को बढ़ावा देना तथा उनकी आजीविका को सशक्त बनाना है।