
“विभाग के अंतर्गत कराए गए निर्माण कार्यों को लेकर बड़ा विवाद सामने आ रहा है। क्षेत्र में बनाई गई नाली निर्माण के लगभग एक साल के भीतर ही बारिश में बह गई, जिससे कार्य की गुणवत्ता और पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस निर्माण में सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया और ठेकेदार को फायदा पहुंचाया गया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किन-किन लोगों की मिलीभगत से यह पूरा मामला हुआ, लेकिन इसे लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं।

इस मामले में उप वनमंडलाधिकारी आशीष खैरवार की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि वे पिछले 7-8 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं और अपनी ऊपरी पहुंच का हवाला देकर यहीं रुका हुआ है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि केवल यह नाली ही नहीं, बल्कि लगभग 14 किलोमीटर सड़क और नाली निर्माण कार्यों में भी अनियमितता और मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। अब इस पूरे मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों ने भी सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है।
कुछ जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और वन मंत्री से की जाएगी। साथ ही, कोरबा कलेक्टर से भी इस मामले की शिकायत करने की तैयारी की जा रही है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए,