
छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत की मधुरता एक बार फिर श्रोताओं के दिलों में जगह बना रही है। हाल ही में रिलीज हुआ छत्तीसगढ़ी गीत महुआ के लटा हाय इन दिनों सोशल मीडिया और यूट्यूब पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस गीत को छत्तीसगढ़ की उभरती लोकगायिका धारा सोनवानी ने अपनी सुरीली आवाज में गाया है, जिसे श्रोता काफी पसंद कर रहे हैं।
गीत के रिलीज होते ही लोगों में इसे सुनने की उत्सुकता बढ़ गई है। महज तीन दिनों के भीतर ही इस गीत को लगभग 1400 से अधिक लोगों ने देख लिया है और लगातार इसकी लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। गीत की मधुर धुन, पारंपरिक लोकसंगीत की झलक और सरल शब्दों ने लोगों का दिल जीत लिया है।

“महुआ के लटा हाय” गीत में छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति, लोकजीवन और कर्मा नृत्य की झलक साफ दिखाई देती है। गीत के बोलों में गांव की खुशबू और लोकपरंपरा की झलक सुनने को मिलती है, जो श्रोताओं को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरों में भी यह गीत तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
गायिका धारा सोनवानी की मधुर आवाज और लोकसंगीत के प्रति समर्पण इस गीत में साफ दिखाई देता है। सोशल मीडिया पर श्रोता इस गीत की सराहना करते हुए इसे अपने मित्रों और परिवार के साथ साझा कर रहे हैं।
लोकसंगीत प्रेमियों का मानना है कि इस तरह के पारंपरिक गीत छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोकधरोहर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। “महुआ के लटा हाय” की बढ़ती लोकप्रियता यह दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत की पहचान लगातार और मजबूत होती जा रही है।